खसरा नंबर क्या होता है?

Guides • अंतिम जाँच: 26 अक्टूबर 2026

सीधा उत्तर: खसरा नंबर किसी गाँव के एक भूमि खंड (खेत/प्लॉट) की पहचान संख्या है, जो राजस्व रिकॉर्ड में उस भूखंड को अलग पहचान देती है। उदाहरण: खसरा 123/2 का अर्थ है मूल खसरा 123 का दूसरा भाग — बँटवारे या विभाजन पर ऐसे उप-नंबर बनते हैं। रिकॉर्ड खोज, नक्शा और रजिस्ट्री — हर काम में यही नंबर मुख्य पहचान है।
महत्वपूर्ण सूचना: mpbhulekh.live एक स्वतंत्र जानकारी वेबसाइट है, यह सरकारी वेबसाइट नहीं है। यहाँ दिए गए चरण केवल समझाने के लिए हैं — असली रिकॉर्ड देखने, आवेदन करने या भुगतान करने के लिए आधिकारिक पोर्टल mpbhulekh.gov.in का ही उपयोग करें। यहाँ कभी अपना OTP, पासवर्ड या भुगतान विवरण किसी के साथ साझा न करें।

शुरू करने से पहले — ज़रूरी चीज़ें

  • यह जानकारी पृष्ठ है — कोई दस्तावेज़ आवश्यक नहीं

चरण-दर-चरण तरीका

  1. अपना खसरा नंबर जानने के लिए पुरानी खतौनी/B1 या रजिस्ट्री दस्तावेज़ देखें।
  2. दस्तावेज़ न हो तो नाम से खोजकर अपना नंबर निकालें।
  3. नंबर मिल जाए तो उसे उपभाग सहित पूरा नोट करें।
  4. उसी नंबर से रिकॉर्ड और नक्शा दोनों देखें।

ये चरण केवल जानकारी के लिए हैं। असली खोज आधिकारिक पोर्टल पर होती है — यह वेबसाइट कोई सरकारी फ़ॉर्म नहीं लेती।

खसरा नंबर के प्रारूप के उदाहरण

प्रारूपअर्थ
123
मूल भूखंड संख्या 123

आधिकारिक पोर्टल पर रिकॉर्ड देखें

तैयार हैं? अपना जिला, तहसील और गाँव चुनकर असली रिकॉर्ड आधिकारिक वेबसाइट पर देखें।

mpbhulekh.gov.in खोलें

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

क्या खसरा नंबर बदल सकता है?

हाँ — बँटवारा, नामांतरण के साथ पुनर्गठन या सर्वे नवीनीकरण पर नया नंबर बन सकता है। पुराना रिकॉर्ड यहाँ खोजें।

खसरा नंबर और प्लॉट नंबर एक हैं?

ग्रामीण राजस्व रिकॉर्ड में सामान्यतः खसरा नंबर ही प्लॉट की पहचान है।

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